माता पिता कि डाट से ही , आप को एक दिन सफलता मिल जाती है

माता पिता कि डाट से ही , आप को एक दिन सफलता मिल जाती है

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जी हां दोस्तों आप सभी को इस कहानी को पढ़ने के बाद अपने माता पिता की किसी भी डाट पर गुशा और बात का जवाब देने पर थोड़ा सोच कर देंगे। आप सभी से उम्मीद करता हूं कि यह कहानी आप सभी के जीवन में आप के परिवार में खुशियां लाएगी,पूरी कहानी पढ़ने के बाद कॉमेंट करके बताएं कहानी में आप क्या शिखे,नोट यह कहानी आप जानते भी होंगे ,जो लोग नहीं जानते ओ लोग पूरी कहानी को पढ़े,फिर कॉमेंट करके बताएं। चलिए शुरू करते है
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एक यैसा परिवार जिस परिवार में हमेशा खुशियां ही खुशियां दिखाई देती थी,कोई भी परेशानी आती है तो घर के मुखिया उसपर एक्शन लेते है,लेकिन उसी घर में तीन भाई रहते थे ,दो भाई थे जो पढ़ने में मन लगते थे वहीं पर छोटा भाई पढ़ने में उसका इच्छा नहीं करती थी।धीरे धीरे काफी समय बीतता गया ,दो भाई बाहर जाकर पैसा कमाने लगे और घर पर पैसे भेजने लगे , छोटे का नाम हीरा था जो पढ़ाई में काफी कमजोर था और उसका पढ़ाई में इच्छा नहीं करता है।पिता का नाम भानु प्रताप था,,

भानु प्रताप हीरा को हमेशा डाटा करते थे तुम जीवन में कुछ नहीं कर पाओगे,तुम जब तक घर पर रहो गए ,कुछ ना कुछ गाओ में लड़ो गे झगड़ा करोगे घर पर सिकायत आता रहेगा ।हीरा से परिवार परेशान था ,

बचपन में हीरा को दोस्ती थी अपने क्लासमेट्स से। जिस लड़की का नाम था खुशबू खुशबू भी हीरा को बहुत मान जान कर दी थी हीरा तो पढ़ने में बहुत कमजोर था लेकिन खुशबू पूरी क्लास में टॉपर थी हीरा बचपन में इसलिए पढ़ाई छोड़ दिया क्योंकि टीचर ने 1 दिन खुशबू को किसी कारणवश बहुत मारा गया जिसको हीरा सह नहीं पाया और टीचर को मार्कर भाग गया है उसके बाद हीरा जिस स्कूल में पढ़ता था उस स्कूल में घूमने के लिए भी कभी नहीं जाता था वहीं से उसकी पढ़ाई बंद हो गई और खुशबू उसी स्कूल को छोड़कर दिल्ली जाकर पढ़ाई करने लगी।

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जब हीरा बड़ा हो गया तो उसकी शादी करने की बातचीत होने लगी लेकिन उससे शादी करने के लिए कोई भी लड़की तैयार नहीं होती थी हीरा के पिताजी बोले अब इसकी शादी नहीं हो सकती क्योंकि ना कमा सकता है और ना कमा कर खा सकता है उससे शादी कौन लड़की करें। काफी समय बीत जाने के बाद हीरा से बचपन की यारी खुशबू से मिलते हैं और हीरा उसी लड़की से शादी करके घर पर लेकर आता है भानु प्रताप बहुत गुस्से में बोलते हैं जो लड़की तुमसे शादी की है उसकी लाइफ यह तुम बेकार कर दोगे और वैसी लड़की है जो तुमसे शादी की है पढ़ लिख कर भी अनपढ़ से शादी कर ली है।

आज के बाद तुम दोनों मेरे नजर के सामने भी मत आना घर से बाहर चले जाओ हीरा और खुशबू शहर में चले जाते हैं और अपना परिवार बसाते हैं कुछ समय बाद हीरा की जो जिंदगी थी काफी बदल गया और राजा महाराजा की तरह जिंदगी बिताने लगा, हीरा की वाइफ कलेक्टर की नौकरी पर काम करती थी हीरा का एक लड़का हो गया और उसको पढ़ाई करने के लिए कॉलेज में एडमिशन करा दिया गया उस लड़का का नाम भानु प्रताप रखा गया। एक दिन भानु प्रताप स्कूल से रिटर्न आ रहा था रास्ते में उसके नाना मिल जाते हैं लेकिन लड़का नहीं पहचानता है लड़के से हीरा के पिता जी बोलते हैं समझ लो मैं तुम्हारा दोस्त हूं दोस्ती पर काफी दिनों तक मिलना जुलना होता रहा।

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हीरा के पिताजी का सपना था कि अपने शहर में एक हॉस्पिटल बनाया जाएगा जो नहीं बनवा पाए थे वहां हीरा अपने पिताजी का सपना पूरा करने के लिए इनवाइट करता है लेकिन उस हॉस्पिटल का उद्घाटन करने के लिए हीरा के पिताजी नहीं आते हैं ज्यादा समय हो जाने पर हीरा का लड़का से उद्घाटन कराया जाता है लेकिन उस सभा में हीरा के पिताजी आकर भी हीरा के हर एक भाषण को सुनें और घर चले गए।

हीरा बोला कि पिताजी मुझे घर से नहीं निकाले मुझे तो सिर्फ अपने पैर पर खड़ा होने के लिए कुछ दिनों के लिए अपनों से दूर रखें ताकि मैं अपने पैर पर खड़ा हो पाऊंगा और आज जो आप लोग हॉस्पिटल देख रहे हैं पिताजी का एक सपना था कि अपने शहर में एक हॉस्पिटल बनवा एंगे लेकिन उन्होंने किसी कारणवश नहीं बनवा पाए और उनकी सपना पूरा करने के लिए मैं काफी मेहनत किया आज उनकी सपना पूरा हो गया। जब भी आपके माता-पिता डांटे तो समझिए कि आपके लिए ही करते हैं ताकि तुम अपने पैर पर खड़ा हो सके मेरे पिताजी ऐसा ही की है ताकि मैं अपने पैरों पर खड़ा हो पाया। जिंदगी में कामयाबी और नाकामी अभी तो मिलती रहती है लेकिन जीवन में कभी हार नहीं मानना चाहिए।

 

 

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